सिलदहा में सड़क निर्माण पर उठे गंभीर सवाल, तालाब से मुरूम उत्खनन और गुणवत्ता जांच की मांग.......
ठेकेदार द्वारा धड़ल्ले कर रही मुरूम की चोरी संबंधित विभाग को भनक तक नहीं नियम की खुलेआम उड़ाई धज्जियां.........
CG. Right Times news...............
पथरिया। जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलदहा में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनजातीय सड़क योजना (PMJSY) के तहत बन रही सड़क को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य में उपयोग के लिए गांव के निकासी तालाब से बिना वैधानिक अनुमति मिट्टी एवं मुरूम का उत्खनन किया जा रहा है और उसे निर्माण कार्य में खपाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार रोहराकलां से घुठली मार्ग तक लगभग 11 किलोमीटर लंबी दूरी सड़क का निर्माण कार्य रायपुर स्थित एम.एम. कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना की स्वीकृत लागत लगभग 5 करोड़ 68 लाख 89 हजार रुपये बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता संबंधी नियमों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वाहन क्रमांक CG 28 S 7925 तथा एक जेसीबी मशीन को सिलदहा तालाब में उत्खनन करते देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब से निकाली जा रही मिट्टी एवं मुरूम का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा रहा है।
पंचायत से नहीं मिली लिखित अनुमति
ग्राम पंचायत सिलदहा के सरपंच प्रतिनिधि राहुल वर्मा ने बताया कि पंचायत द्वारा ठेकेदार से खनिज विभाग की अनुमति एवं रॉयल्टी संबंधी दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई थी। ठेकेदार ने मौखिक रूप से सभी आवश्यक अनुमति होने की जानकारी दी थी, जिसके आधार पर पंचायत की ओर से केवल मौखिक सहमति दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत द्वारा उत्खनन के लिए किसी प्रकार की लिखित अनुमति जारी नहीं की गई है।
*निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल*
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए हैं। उनका आरोप है कि जीएसबी (Granular Sub Base) कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानक अनुरूप सामग्री के बजाय अधिक मात्रा में छोटे आकार की गिट्टी (जीरा) का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही मुरूम के स्थान पर लाल मिट्टी के इस्तेमाल की भी शिकायत सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब से निकाले गए मुरूम का उपयोग बिना वैध अनुमति एवं रॉयल्टी भुगतान के किया जा रहा है, तो इससे शासन को राजस्व हानि हो सकती है। उन्होंने उत्खनन की वैधानिकता और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
*कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं कराई गई तो सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने अवैध उत्खनन सहित अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ऐसे में सिलदहा में लगाए गए आरोपों की जांच और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हुई हैं।
*खनिज अधिकारी ने जांच के दिए आश्वासन*
जिला खनिज अधिकारी योगेश साहू ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित अधिकारी मैं नहीं किया फोन रिसीव*
प्रधानमंत्री जनजातीय सड़क योजना के संबंधित अधिकारी एसडीईओ परीक्षित सूर्यवंशी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। इस कारण इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।

