ग्राम पंचायत जरेली में वित्तीय अनियमितता, घटिया निर्माण और मनमानी के आरोप, ग्रामीणों ने की जांच की मांग..... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES NEWS

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Monday, July 20, 2026

ग्राम पंचायत जरेली में वित्तीय अनियमितता, घटिया निर्माण और मनमानी के आरोप, ग्रामीणों ने की जांच की मांग..... देखिए खास खबर

 सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट




पथरिया (मुंगेली)। जनपद पंचायत पथरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत जरेली में विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता, घटिया निर्माण और पंचायत संचालन में मनमानी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच, पंचों एवं ग्रामीणों ने सरपंच और पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर मुंगेली, जनपद पंचायत पथरिया एवं संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।


ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के अनुसार पंचायत में विभिन्न निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं में अनियमितताएं बरती गई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ मामलों में एक ही कार्य को अलग-अलग नामों से दर्शाकर दो बार राशि आहरण की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत की जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई नहीं हुई है।


डीएवी पब्लिक स्कूल जीर्णोद्धार में 10 लाख की राशि पर सवाल



विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा डीएमएफ मद से स्वीकृत डीएवी पब्लिक स्कूल जरेली-पेंड्री के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर सामने आया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें खिड़की-दरवाजों की मरम्मत, विद्युत कार्य, रंग-रोगन, साफ-सफाई, प्लास्टर सुधार सहित विभिन्न कार्य शामिल थे।



उपसरपंच संतोष कुमार एवं अन्य शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल में केवल सीमित कार्य कराकर पूरी राशि का आहरण कर लिया गया। उनका दावा है कि मौके पर अधिकांश स्वीकृत कार्य दिखाई नहीं देते और लगभग 3 से 3.50 लाख रुपये के कार्य के बदले पूरी 10 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है।


सीसी रोड और पुलिया निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल



ग्रामीणों ने पंचायत में लगभग 5 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीसी रोड की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद सड़क में दरारें और टूट-फूट दिखाई देने लगी, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदेह के घेरे में आ गई है।


इसी प्रकार लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया निर्माण में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण पुलिया निर्माण के कुछ समय बाद ही क्षतिग्रस्त होने लगी।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सीसी रोड और पुलिया निर्माण कार्य स्थल पर कार्य स्वीकृति एवं सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। उनका कहना है कि किसी भी शासकीय निर्माण कार्य में स्वीकृत राशि, योजना का नाम, कार्य एजेंसी और लागत संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के लिए सूचना बोर्ड लगाया जाना आवश्यक होता है। लेकिन दोनों निर्माण कार्यों में बोर्ड नहीं लगाए जाने से ग्रामीणों ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने से निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।


छह माह से नहीं हुई ग्राम सभा और पंचायत बैठक


शिकायतकर्ताओं ने पंचायत संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचों का कहना है कि पिछले लगभग छह माह से न तो ग्राम सभा आयोजित की गई है और न ही पंचायत की नियमित बैठकें हुई हैं। उनका आरोप है कि सरपंच और सचिव द्वारा पंचायत के कार्य मनमाने तरीके से किए जा रहे हैं तथा पंचों को किसी भी विकास कार्य या वित्तीय निर्णय की जानकारी नहीं दी जाती।


पंचों का कहना है कि पंचायत के कई महत्वपूर्ण निर्णय उनकी जानकारी और सहमति के बिना लिए गए हैं, जिससे पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


सचिव ने आरोपों को बताया निराधार


वहीं ग्राम पंचायत जरेली के सचिव शत्रुघ्न प्रसाद साहू ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि डीएवी पब्लिक स्कूल का जीर्णोद्धार कार्य स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार कराया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत द्वारा सभी कार्य नियमानुसार एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्ण किए गए हैं तथा किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है।


जनपद सीईओ ने जांच का दिया आश्वासन


इस मामले की जानकारी जनपद पंचायत पथरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को भी दी गई है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार सीईओ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।


अब पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं के आरोप और पंचायत प्रशासन के दावों के बीच वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों की मांग है कि डीएवी पब्लिक स्कूल जीर्णोद्धार, सीसी रोड एवं पुलिया निर्माण सहित पंचायत के सभी विकास कार्यों की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं जनपद सीईओ द्वारा जांच के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।


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