सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
पथरिया / मुंगेली:- मुंगेली जिले के जनपद पंचायत पथरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत छिंदभोग में इन दिनों शासकीय योजनाओं में भारी बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
कागजों में सिमटी छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास प्राधिकरण की सीसी रोड
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत छिंदभोग में छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास प्राधिकरण मद से सीसी रोड निर्माण के लिए लगभग 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। यह निर्माण कार्य शासकीय प्राथमिक विद्यालय से लगे अंबेडकर चौक से नंदराम के घर तक होना था। लेकिन धरातल पर यह सीसी रोड पूरी तरह गायब है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरपंच, सचिव और विभागीय सब-इंजीनियर (उप-अभियंता) की मिलीभगत के कारण अंबेडकर चौक पर कोई नई सड़क नहीं बनाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 2 वर्षों में वर्तमान सरपंच द्वारा यहाँ कोई सीसी रोड नहीं बनवाई गई; वर्तमान में जो सड़क वहाँ मौजूद है, वह पूर्व सरपंच के कार्यकाल की है। ऐसे में सवाल उठता है कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास प्राधिकरण की स्वीकृत राशि कहाँ ठिकाने लगा दी गई?
शासकीय भूमि पर मनरेगा से 'निजी डबरी' का निर्माण
भ्रष्टाचार का दूसरा मामला छिंदभोग के आश्रित ग्राम 'धमधा पारा' से सामने आया है। यहाँ पंच प्रतिनिधि नरोत्तम बंजारे (पिता: संतराम बंजारे) द्वारा सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए शासकीय भूमि (सरकारी जमीन) को अपनी निजी जमीन बताकर मनरेगा (MGNREGA) के तहत निजी डबरी (छोटा तालाब) का निर्माण कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि सरपंच, रोजगार सहायक (रोजगार सचिव) और विभागीय इंजीनियर की सांठगांठ के चलते इस अवैध निर्माण को अंजाम दिया जा रहा है। सरकारी जमीन पर निजी लाभ के लिए मनरेगा के फंड का इस्तेमाल करना वित्तीय अनियमितता का बड़ा उदाहरण है।
बड़ा सवाल: सरकारी राशि और शासकीय भूमि का इस तरह दुरुपयोग होने के बाद भी जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के उच्च अधिकारी मौन क्यों हैं? क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी?
इस मामले की जानकारी के लिए विभागीय इंजीनियर को कॉल किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं किया,


