एक माह में ही दरकी 8 लाख की सीसी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल; ग्रामीणों ने तकनीकी जांच की मांग.... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES NEWS

Breaking


Thursday, July 16, 2026

एक माह में ही दरकी 8 लाख की सीसी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल; ग्रामीणों ने तकनीकी जांच की मांग.... देखिए खास खबर

सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट 


पथरिया(मुंगेली) -  जनपद पंचायत पथरिया की ग्राम पंचायत धूमा में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत लगभग 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीसी सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण पूरा होने के महज एक माह के भीतर ही सड़क में कई स्थानों पर दरारें पड़ने और किनारों से टूट-फूट शुरू होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।



ग्रामीणों के अनुसार गांव में दिनेश के घर से मनोज के घर तक करीब 300 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कराया गया है। सड़क बनने से आवागमन सुगम होने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ ही समय में सड़क क्षतिग्रस्त होने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।


*मानकों के पालन नहीं होने का आरोप*

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि जहां सड़क की मोटाई लगभग 6 से 7 इंच होनी चाहिए थी, वहीं कई स्थानों पर यह केवल 3 से 5 इंच के बीच दिखाई दे रही है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर तकनीकी लापरवाही का मामला हो सकता है।


*सब-बेस नहीं बनने का आरोप*

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण एक साथ करने के बजाय तीन अलग-अलग हिस्सों में किया गया। उनका आरोप है कि सड़क के नीचे आवश्यक आधार परत (सब-बेस) तैयार नहीं की गई, जबकि सीसी सड़क की मजबूती और टिकाऊपन के लिए यह अनिवार्य मानी जाती है। उनका मानना है कि इसी कारण सड़क में इतनी जल्दी दरारें आ गईं।

*निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल*

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में उपयोग की गई रेत और गिट्टी निर्धारित गुणवत्ता की नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया होता तो सड़क इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होती। उन्होंने निर्माण सामग्री की भी तकनीकी जांच कराने की मांग की है।


*क्योरिंग नहीं होने का आरोप*

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के बाद आवश्यक अवधि तक नियमित तराई (क्योरिंग) नहीं की गई। निर्माण विशेषज्ञों के अनुसार सीसी सड़क की मजबूती के लिए निर्माण के बाद निर्धारित समय तक नियमित पानी देना आवश्यक होता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रक्रिया की अनदेखी के कारण सड़क कमजोर पड़ गई।

*सूचना बोर्ड में अधूरी जानकारी*

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर लगाए गए सूचना बोर्ड में सड़क की कुल लंबाई सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हैं। इससे योजना की लागत, लंबाई और तकनीकी स्वीकृति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

*सरपंच का पक्ष*

ग्राम पंचायत सरपंच ने बताया कि निर्माण कार्य में रेत पास की शिवनाथ नदी से तथा गिट्टी सरगांव स्थित क्रशर से मंगाई गई थी। उन्होंने कहा कि सड़क में "कुछ स्थानों पर हल्की टूट-फूट हुई है, लेकिन कोई बड़ी समस्या नहीं है।"

*जनपद सीईओ ने जांच का दिया आश्वासन*

जनपद पंचायत पथरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने कहा कि निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला (लैब) में जांच कराई जाएगी। यदि जांच में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो नियमानुसार जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।


Pages