शैलदेवी महाविद्यालय के मास्टर ऑफ सोशल वर्क के द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों का हुआ प्रशिक्षण*
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दूर्ग -शिक्षा समाज को सशक्त तथा सक्रिय बनाने का एक अनिवार्य माध्यम है। जिसमें मास्टर ऑफ सोशल वर्क की एक महती भूमिका होती है। शैलदेवी महाविद्यालय अपने विद्यार्थियों को कार्यशाला के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित कर एक सशक्त समाज की स्थापना करने की ओर अग्रसर है। एमएसडब्ल्यू के द्वितीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों को नेहरू युवा केंद्र में लेकर बच्चो को समाज सेवा के क्षेत्र में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जैविक खेती, ग्रामीण विकास कार्यक्रम, स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण, बाल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण,रक्तदान स्वास्थ, जल संरक्षण, सांकृतिक कार्यक्रम बालिका शिक्षा, नशा उन्मूलन,स्पोर्ट्स एवं योगा जैसे क्षेत्रों में कार्य कर समाज को उन्नत एवम दक्षता की और ले जाया जा सकता है। समाज के चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए अधिकारियों से पर चर्चा करते हुए एचआईवी तथा टीवी जैसे भयंकर संक्रामक बीमारियों से किस प्रकार से समाज को बचाया जा सकता है पर चर्चा की गई साथ ही साथ संक्रामक बीमारियों से पीड़ित युवाओं को हम के तहत कैसे ठीक कर सकते हैं , बीमारियों की जांच हेतु हमें क्या-क्या टेस्ट कराने चाहिए तथा समय रहते हमें किन किन दवाइयों का उपयोग करना चाहिए इन सभी प्रकार की जानकारियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया तथा समाज के उत्थान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यशाला के आयोजक शैलदेवी महाविद्यालय के शिक्षक ढालसिंग साहू के मार्गदर्शन में किया गया। जिसमे गीतेश्वरी राजराजेश्वरी बघेल, राजेश्वरी पाटिल, डाली कचलामें, लोकेश्वरी वर्मा , फनिस देवांगन, दुलेश्वर, हुबलाल देशमुख, हेमंत देशमुख, दिप्ती देशलहरा, नूतन, चेतना साहू, धनेश्वरी वर्मा, खिलेश्वरी साहू, नीतू साहू ,तुलसी, निशा, काजल, देवांगन,लीना, जानवी, जागेश्वर साहू, डीलेंद्र कुमार साहू ,ईशा, राकेश कुमार, वरुण कुमार शामिल रहे। इसी कड़ी में दुर्ग वृद्धा आश्रम में बुजुर्गो से भेंट मुलाकात करते हुए उनकी समस्या जानने का भी प्रयास गया।
