छुआछूत के कलंक से समाज को मुक्ति दिलाना जरुरी :- रत्नावली कौशल... देखिए खास खबर.... - CG RIGHT TIMES

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Monday, January 30, 2023

छुआछूत के कलंक से समाज को मुक्ति दिलाना जरुरी :- रत्नावली कौशल... देखिए खास खबर....

छुआछूत के कलंक से समाज को मुक्ति दिलाना जरूरी: रत्नावली कौशल*,


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अस्पृश्यता निवारण सदभावना शिविर में मुख्य अतिथि में संपन्न* 

*मुंगेली।* आदिम जाति विकास विभाग मुंगेली जिला द्वारा ग्राम अमरटापू में अस्पृश्यता निवारणार्थ सदभावना शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छग शासन सदस्य एवं महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव रत्नावली कौशल,अध्यक्षता अमर टापू मेला समिति के अध्यक्ष दुर्गा बघेल,विशेष अतिथि लक्ष्मीकांत भास्कर,बैकडूम के सरपंच राधेश्याम निषाद,पंच जयकांत पात्रे,जगन्नाथ पाटले, रामचरण निषाद,मनोहर मोहले के आतिथ्य में हुआ। आयोजनकर्ता आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त एलआर कुर्रे, विभाग के प्रभारी क्षेत्र संयोजक एचडी डहरिया,अधीक्षिका बीमेश्वरी जांगड़े, तंन्द्रिमा दास, हेमा मसीह, निकिता शर्मा, अधीक्षक विवेक सनाढ्य,धर्मेंद्र निर्मलकर,ओमप्रकाश राठौर, संजीव त्रिवेदी,शंकर राय,सुषमा टंडन सहित समस्त अधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया।

समारोह को संबोधित करते हुए हिन्द सेना महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नावली कौशल ने आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त एलआर कुर्रे के द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक युग में भी छुआछूत की भावना प्रगतिशील मानव समाज के लिए कलंक है,इस सामाजिक कलंक को मिटाकर ही भगवान गौतम बुद्ध, गुरु घासीदास बाबा,भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों के सपनों और संदेश के अनुरूप समतामूलक समाज की स्थापना कर सकते हैं। हमारे महापुरुषों ने समाज को नई दिशा दी है, लेकिन हम उनकी भावनाओं के विपरीत आचरण कर समाज को पतन की ओर ले जाने में लगे रहते हैं। गुरु घासीदास बाबा ने मनखे - मनखे एक समान का जो संदेश दिया है, उसे अपने जीवन में चरितार्थ कर लें, तो समाज में कोई भी व्यक्ति न छोटी जाति का रहेगा न ही कोई बड़ी जाति का। हर इंसान का दर्जा एक समान हो जाएगा। ठीक इसी तरह भगवान गौतम बुद्ध ने समता का संदेश देकर समाज में सम भावना को प्रबल करने का काम किया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान की रचना कर उसमें सदियों से शोषित होते आ रहे और दबाए कुचले जाते रहे वर्ग को बराबरी का अधिकार दिलाकर हम सभी पर बड़ा उपकार किया है। अनुसूचित जाति कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नावली कौशल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी दबे कुचले लोगों को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का अहिंसक तरीका सिखाया है। इन महापुरुषों की बदौलत ही हमने आज सम्मान के साथ जीना सीख लिया है। दुख की बात है कि अनेक जातियों के लोगों के साथ आज भी समाज में दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। छत्तीसगढ़ की हमारी कांग्रेस सरकार और हमारे संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दमित शोषित तबके को आगे बढ़ाने और उनकी तरक्की के लिए हर संभव काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन वर्गों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रखी हैं, इन योजनाओं का लाभ उठाकर आप सभी अपना जीवन संवार सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आदिम जाति विकास विभाग, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के माध्यम से सामाजिक रूप से हासिये पर डाल दिए गए लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है। इसके प्रचार प्रसार और लोगों को उससे लाभान्वित करने का दायित्व आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों पर है। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री रत्नावली कौशल ने कार्यक्रम में मौजूद विभाग के अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु निर्देशित किया। सुश्री कौशल ने इस अवसर पर उपस्थित माताओं और बहनों से आग्रह किया कि भले ही आप लोग ज्यादा पढ़ लिख नहीं पाए हों, लेकिन अपनी बेटियों और पोतियों को उच्च शिक्षा जरूर दिलाएं। इसी में समाज का कल्याण निहित है। 


*राहुल गांधी देंगे देश को नई दिशा*....... 

वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री रत्नावली कौशल ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने जो भारत जोड़ो पदयात्रा कन्याकुमारी से जम्मू कश्मीर तक की है, उसकी पृष्ठभूमि में भी भेदभाव रहित और भाईचारे की भावना से युक्त समाज के निर्माण की उत्कृष्ट भावना निहित रही है। राहुल गांधी ने पैदल चलते हुए 3,750 किमी की यात्रा पूरी की है और वे जिस लक्ष्य को लेकर चले थे, उसमें सफल भी हुए हैं। रत्नावली कौशल ने कहा कि आज देशवासी राहुल गांधी के नेतृत्व में खुशहाल और प्रगतिशील विचारों के साथ आगे बढ़ने वाले भारत के निर्माण का सपना संजोए बैठे हैं और राहुल जी निश्चित ही जनमानस की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। रत्नावली कौशल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में जब राहुल गांधी अपनी पदयात्रा का समापन कर रहे थे, तब वहां जमकर बर्फबारी हो रही थी। श्रीनगर की धरती पर एक फुट मोटी बर्फ की चादर बिछ गई थी,  खून को भी जमा देने वाली ठंड पड़ रही थी, फिर भी देश के मौजूदा हालातों से चिंतित राहुल गांधी ने हार नहीं मानी। बर्फबारी के बीच हजारों की भीड़ को उन्होंने संबोधित किया।अस्पृश्यता निवारणार्थ सदभावना शिविर में मुख्य रूप से समाज प्रमुखगण,वरिष्ठ समाजसेवी,बुद्धिजीवी एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी महिलाए,वरिष्ठ जनों सहित उपस्थित थे।


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