बसों में महिला कंडक्टर व सीसी टीवी कैमरे मांग को लेकर राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन:- गीतेश्वरी बघेल.........
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दूर्ग भिलाई:- बेटियों की सुरक्षा को लेकर श्री समृद्धि सद्भावना समिति की महिलाओं ने आज जिला कलेक्टर को जनदर्शन में राज्यपाल के नाम आवेदन प्रस्तुत की गई उन्होंने कहा कि बस में सीसीटीवी कैमरा एवं महिला कंडक्टर की व्यवस्था कराने की मांग की गई !
बेटियां जो बेटों से किसी भी क्षेत्र में आज पीछे नहीं है चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो, रोजगार के क्षेत्र में , होटल मैनेजमेंट,इंजीनियरिंग, मेडिकल्स, स्पोट्स,पॉलिटिक्स हो या सोशल वर्क्स हर क्षेत्र में बेटियों ने फतह हासिल किया है परंतु कुछ विकृत मानसिकता के नर पिशाच उन्हें अपनी दरिंदगी का शिकार बना रहे है। जिस उम्र बच्चियों को गुड़ टच बैड टच के बारे में भी पता होता , सामने वाला व्यक्ति उसे किस दृष्टि से देख रहा है उन्हें यह भी नहीं पता होता। वे अपनी आत्म रक्षा के लिए भी सक्षम होती है उसी का फायदा उठा कर मानव रूपी भेड़िए उनका शिकार कर रहे है। वे मां_बाप जो अपने बच्चो को बड़े बड़े स्कूलों में एडमिशन करा स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे है यह सवाल उनके लिए भी है कि क्या बड़े स्कूलों में एडमिशन करा कर उनकी जिम्मेदारियां समाप्त हो जाती है आवश्यकता है आज बेटियों को भी सेल्फ डिफेंस की शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, नृत्य _संगीत के साथ साथ जूडो, कराटे, सेल्फ डिफेंस क्लासेस, गुड टच बैड टच का ज्ञान दे हम बच्चियो को इन भेड़ियों से कुछ हद तक बचा सकते है। बच्चो से माता पिता एक दोस्ताना व्यवहार बना कर रखे जिससे बाहर घटित हो रही सारी गतिविधियों के बारे में बच्चे माता पिता को अवगत कराते रहे।
श्री समृद्धि सद्भावना समिति के प्रदेश अध्यक्ष गीत ेश्वरी बघेल ने कहा........
इसी कड़ी में आज श्री समृद्धि सद्भावना समिति के संथापक एवम प्रदेश अध्यक्ष गीतेश्वरी बघेल के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने जिला दुर्ग कलेक्टर को महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौपा तथा उनका ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया कि 1.स्कूल बसों में लेडी कैंडक्टर्स की व्यवस्था तथा सी सी टी वी कैमरे स्कूल लगाए जाने चाहिए। 2.स्कूल स्टाफ में भी अधिक से अधिक संख्या में महिलाओ की नियुक्ति होनी चाहिए । 3.स्कूल रूट्स में, चौक चौराहे में अधिक से अधिक स्थानों पर सीसी टी वी कवरेज किया जाना चाहिए। 4.पाठ्यक्रमों में बच्चो को सुरक्षा के बारे में जानकारी शिक्षा मुहैया करानी चाहिए। बच्चे देश का भविष्य होते है परंतु ऐसी असामाजिक अमानवीय घटनाएं उनके शरीर के साथ साथ उनके मन मस्तिष्क को पूरी तरह आहत कर देता है जिससे उभरने में उन्हें सालो साल लग जाते हैं। कुछ बच्चियां स्वयं को ही दोषी मान के कर आत्म हत्या जैसे कदम उठा लेती है और उनका भविष्य अंधकार मय हो जाता है । आवश्यकता है जागरूकता कि जिसमे बच्चो को उनके बचाव के तरीके माता पिता के साथ साथ टीचर्स को भी सीखने चाहिए। बेटियों को चांद की तरह देखने के बजाय उन्हें सूरज की तरह तेज एवम ऊर्जा से भरने की आवश्यकता है ताकि गलत मानसिकता से भरा को भी नर पिशाच उनकी ओर आंख उठा कर देखने से पहले सौ बार सोचे। इस पहल में श्री समृद्धि सद्भावना समिति के सदस्यों में जानकी चंदेल ,मंजू साहू कविदास बघेल, एजन मल्होत्रा, कुंती विश्वकर्मा पृथ्वी, महेश्वरी चेलक तथा समिति के अन्य सदस्य शामिल रहे।

