सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
रायपुर-राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरुकता संगठन भारत के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ गीतेश्वरी बघेल ने 7,8,9 मार्च 2021 को आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े एवं भव्य तीन दिवसीय गिरौदपुरी धाम मेले जिला बलौदा बाजार छत्तीसगढ में शिरकत की।
फाल्गुन पंचमी को प्रत्येक वर्ष होने वाले इस भव्य मेले में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। श्रद्धा और विश्वास का यह अनूठा संग्रह हमें गिरौदपुरी धाम में देखने को मिलता है जहां प्रत्येक धर्म एवं जाति के लोग उपस्थित होकर अपने एकता का परिचय देते हैं।
सतनाम धर्म के संस्थापक परम पूज्य संत शिरोमणि गुरु घासीदास जी का संदेश है कि " मन के मनके एक समान" अर्थात सभी मनुष्य एक है किसी भी जाति धर्म के इंसान से किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
"सत्य ही मानव का आभूषण है" अर्थात मनुष्य को सत्य चरण सदैव करना चाहिए और सभी के प्रति सत्य ,अहिंसा, प्रेम ,दया, क्षमा, करूणा एवं व्यवहार इंसात सिद्धांतों को लेकर मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है साथ ही साथ समाज को राज्य को एवं देश को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है गुरु जी के इन उपदेशों को आत्मसात करना ही मानवता की सच्ची सेवा है।
मेले मे सतनाम पंथ का संस्थापक संत शिरोमणि परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के पांचवे एवं छठवे में वंशज जगतगुरु विजय कुमार एवं केबिनेट मंत्री जगतगुरु रूद्र कुमार जी कौशल्या माता उपस्थित हुए जिन्होंने सतनाम पंथ को मानने वाले समस्त श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करके मेले को भव्य रुप से संपन्न करवाया।
श्रद्धालु जो गिरोधपुरी धाम में दर्शन के लिए जाते हैं उन्हें संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा जी की तपोभूमि छाता पहाड़ बलोदा बाजार जिला, पंचकुंड चरण कुंड ,अमृत कुंड, बाघ माड़ा, आदि दर्शनीय स्थलों के दर्शन की प्राप्ति होती है मेले का वातावरण अत्यंत अद्भुत एवं रमणीय होता है कि दूर दूर से आए हुए श्रद्धालु यहां आकर अपनी सभी तकलीफों को भूल जाते हैं श्रद्धा के अनुसार जिसकी जो इच्छा होती है उसके प्राप्ति हेतु श्रद्धालु 2 से 3 किलोमीटर मुख्य द्वार से षाष्टांग दंडवत प्रणाम करते हुए बाबाजी तक अपनी तकलिफ दूर करने की गुहार लगाते है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरुकता संगठन राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष गीतेश्वरी बघेल के द्वारा समय समय श्रद्धालुओं को यथासंभव जलपान की व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, गर्मी के मौसम में आयोजित होने वाले इस मेले में श्रद्धालुओं को चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया तथा मेले को निर्विघन से संपन्न कराने का दायित्व निभाते हुए सक्रियता दिखाई गई।