सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
रायपुर-राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर.टी.आई.जागरुकता संगठन भारत की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष गीतेश्वरी बघेल ममतामई करुणामाई मिनीमाता छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद की 109 वीं जयंती के उपलक्षय में शामिल हुए जिसमें 45 वर्ष से अधिक विवाह परिणय सूत्र में बंधे 9 नवविवाहित जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया तथा अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ में मां मिनी माता की जयंती मनाई गई।
मां मिनी माता का जन्म 13 मार्च 1913 को नवा गांव असम में हुआ था जिनका बचपन का नाम मीनाक्षी देवी था। मां मिनी माता का विवाह छत्तीसगढ़ के सतनाम पंथ के चौथे जगत गुरु अगम दास साहेब के साथ मे सम्पन्न हुआ था।
जगतगुरु अगम दास साहेब जी अविभाजित मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री के पद पर नियुक्त थे बाद छत्तीसगढ़ के सांसद की पद का भी निर्वहन कर रहे थे ।1952 मे जगत गुरु अगम दास जी की मृत्यु के पश्चात ममतामई माँ मिनीमाता ने रायगढ़ महासमुंद जांजगीर चांपा जैसे क्षेत्रों से चार बार छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद होने का गौरव प्राप्त किया।
मिनीमाता के नाम के सामने ममतामई लगाने का आशा यह है कि सच में ममता की मूरत है उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक नागरिक को अपने संतान के तुल्य प्रेम स्नेह आदर सम्मान प्रदान किया।
मां के घर यदि कोई व्यक्ति रात्रि को 2:00 बजे भी उपस्थित होता तो उन्हें गरम गरम भोजन उपलब्ध कराया जाता था और जब तक आया हुआ अतिथि शांति से विश्राम ना कर ले मां तब तक जाग जाग कर अपने बच्चे के तुल्य उनका ध्यान रखती थी इस वजह से आज भी उनकी जयंती हर्षोल्लास के साथ में प्रत्येक वर्ष मनाई जाती है नारी शक्ति महिला उत्थान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मां ने कार्य किया और छत्तीसगढ़ के प्रत्येक स्त्री को सशक्त एवं मजबूत होने का हौसला प्रदान किया।