बेमेतरा से उमाशंकर दिवाकर की खास रिपोर्ट
बेमेतरा - आईएसबीएम विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय द्वारा अंगारमोती मंदिर तथा गांगरेल डैम के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक अध्ययन यात्रा का सफल आयोजन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य छात्रों को सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय इतिहास, पर्यटन अध्ययन तथा पर्यावरणीय समझ से जोड़ना था। यात्रा में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यात्रा का प्रथम पड़ाव अंगारमोती मंदिर रहा, जो धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। विद्यार्थियों ने मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थानीय लोककथाओं और सांस्कृतिक प्रभावों का अवलोकन किया। इसके बाद दल गांगरेल डैम पहुँचा, जहाँ छात्रों ने जल–प्रबंधन, पर्यटन की संभावनाओं और पर्यावरणीय संरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्रत्यक्ष रूप से समझा।
शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ. एन. कुमार स्वामी ने यात्रा की सराहना करते हुए कहा, “फील्ड विज़िट से छात्रों में अवलोकन क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच विकसित होती है। यह यात्रा उनके शैक्षणिक अनुभव को और अधिक समृद्ध करेगी। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे सार्थक अध्ययन दौरों को बढ़ावा देता रहेगा।”
संकायाध्यक्ष डॉ. दिवाकर तिवारी ने इस अवसर पर कहा, “कक्षा के बाहर की शिक्षा विद्यार्थियों के अनुभव-क्षेत्र को विस्तृत करती है। अंगारमोती मंदिर और गांगरेल डैम जैसे स्थल न केवल सांस्कृतिक समझ बढ़ाते हैं, बल्कि छात्रों में सामाजिक–पर्यावरणीय दृष्टि का भी विकास करते हैं। कला एवं मानविकी संकाय ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।”
इस शैक्षणिक कार्यक्रम का सफल संयोजन सुश्री भमाती साहू द्वारा किया गया। उन्होंने यात्रा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ, समन्वय और विद्यार्थियों के समूह-निर्देशन की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक निभाई। इस अवसर पर डॉ अश्वनी साहू, डॉ मुमताज परवीन, डॉ जब्बार अहमद, श्री कृष्ण कुमार, श्री अशोक साहू भी विद्यार्थियों के साथ भ्रमण पर साथ गए।
