नवागढ़ विधानसभा में धान खरीदी में जमकर हो रहा लापरवाही,भ्रष्टाचार, राजनितिक दबाव,और शोषण... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES

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Thursday, November 27, 2025

नवागढ़ विधानसभा में धान खरीदी में जमकर हो रहा लापरवाही,भ्रष्टाचार, राजनितिक दबाव,और शोषण... देखिए खास खबर

बेमेतरा से उमाशंकर दिवाकर की खास रिपोर्ट 




बेमेतरा - आतंक का गढ़ बनता नवागढ़... सरकार के समर्थन मूल्य पर उठ रहे सवाल... जिम्मेदारों की काली करतूत हुई उजागर... सूचना मिलने के बावजूद भी चुप्पी साधे रहना फोन रिसीव नहीं करना पत्रकारों की हत्या करना देने का नियत तो नहीं... भला जिम्मेदार अफसर पर कैसे विश्वास करेगा पत्रकार... चपरासी से लेकर कलेक्टर तक पत्रकारों की बातों को नकारते हुए नजर फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा और कार्यवाही के नाम पर सिर्फ ठेका दिखाते हैं ऐसे में क्या पत्रकारों के साथ साजिश नहीं हो सकती,क्या उनकी हत्या नहीं हो सकती तो जिम्मेदार कौन रहेगा... एक तरफ प्रदेश सरकार किसान का हितैषी बताता है। और किसानों की पाई पाई धान को खरीदने को तैयार है। किंतु कुछ भ्रष्ट अफसर प्रदेश सरकार की छवि खराब करने के लिए ठेका लेकर आ गए हैं और उनकी छवि खराब करने कोई कसर नहीं छोड़ रहा। यह पूरा वाक्य नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत के आने वाले सेवा सहकारी समिति मर्यादित पंजीयन क्रमांक 1269 संबलपुर का मामला है। जहां ना तो बारदाने बाटे ना ही तौल और लगाई गई स्टैकिंग। पत्रकारों के सवाल से बचते नजर आ रहे समिति के छोटे कर्मचारी वहीं बारदाने वितरण रजिस्टर में काट छांट करके मामले को दबाने में तो नहीं लगे अधिकारी। मामले की रफा-दफा तो नहीं कर देंगे यह एक बड़ा सवाल है।अब देखने वाली बात यह होगी की जिम्मेदार अफसर किस तरीके से कार्यवाही करते हैं सुनने में आया है कि संबंधित जो व्यक्ति है जो किसान है वह समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष का भाई जो टोकन कटवाने के से लेकर समिति पर लाने व बारदाना वितरण रजिस्टर पर समिति अध्यक्ष का हस्ताक्षर हैं जो पत्रकारों के समक्ष उपस्थित होकर अपने आप को स्थानीय विधायक व प्रदेश के खाद्य मंत्री के करीबी व वर्तमान में सेवा सहकारी समिति सम्बलपुर का अध्यक्ष होना बताया जा रहा है। प्राप्त सूत्रों से पता चला कि लगभग 468 कट्टी धान लाया गया। जिसमें किसान का नाम नवल सिंह पिता  केजाराम निवासी केसतरा का है। जो गेट पास करने वाला कर्मचारी है वह समिति से गायब है। रात्रि कालीन ड्यूटी करने वाले बारदाना रजिस्टर प्रभारी नदारत है वहीं जिम्मेदार कर्मचारियों रात्रि कालीन करने के बाद सुबह 8:00 बजे के बाद अपने घर चले जाते हैं और उसके स्थान पर कोई दूसरा लड़का आ जाता है जिनको पूछने पर कहा जाता है कि मैं नहीं जानता उसकी गेट पास मेरे द्वारा नहीं किया गया है। वहीं वर्तमान गेट पास पर बैठे एक शख्स जो समिति के कर्मचारी है उनका कहना है कि जो समिति में जो धान आया है नवल सिंह पिता केजाराम का है जिसे अपना ससुर जी बता रहे हैं। इसमें पारिवारिक रिश्ते के आड पर भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है। यहां एक बड़ा सोचने वाली बात है प्रदेश सरकार तमाम जिला कलेक्टर को एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को धान खरीदी में किसी प्रकार से लापरवाही ना भारत ने और किसानों को परेशानी न होने की लगातार हिदायत दिए गई हिदायत देने के बावजूद भी इस तरीके के लापरवाही कहीं ना कहीं प्रदेश सरकार की छवि को खराब कर रहा है जो प्रदेश सरकार कभी बर्दाश्त नहीं करेगा और संबंधितों पर त्वरित कार्रवाई करेगा ऐसा असर उम्मीद है।


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