पी.एच.ई.विभागीय अधिकारी ने पानी टंकी तोड़ने के दिये निर्देश ठेकेदार रिपेयरिंग कर की मनमानी.......
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एक तरफ केंद्र सरकार और राज्य सरकार अनेकों एवं विभिन्न प्रकार की योजना संचालित कर रही है! उसी में से एक योजना जल जीवन मिशन जिसमें आने वाले समय में पेयजल की समस्या को देखते हुए! केंद्र सरकार प्रत्येक ग्रामों में करोड़ों रुपए खर्च कर घर-घर में नल जल योजना पहुंचाई जा रही है! केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार जिला के अंतर्गत अधिकतर ग्रामों में पानी टंकी पाइप लाइन जैसे कार्य प्रगति पर चल रही है जिससे गांव के आमजन ग्रामीणों को घर घर में नल जल योजना के तहत पानी मिल सके ताकी आने वाले समय में पानी की किल्लत ना हो लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है गांव के गिने- चुने घरों को ही पानी पहुंच रही है जिसमें अधिकतर घरों को पानी की सुविधा नहीं मिल रही है जिसका कारण है विभागीय अधिकारी एवं इंजीनियर की मिलीभगत ठेकेदार कि कई तरह की लापरवाही सामने आ रही है जिसमें सरकार की करोड़ों रुपए की जल जीवन मिशन की योजना विफल रही है तथा प्रशासनिक अधिकारी ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही करने में कुंभकर्ण की निद्रा में सोए हुए हैं तभी तो 3 सालों में अभी तक गांव के घरों में पानी नहीं पहुंच पाई है! जिससे आमजन ग्रामीण सैकड़ों मिल दूर से पानी लाने को मजबूर हैं विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार की निष्क्रियता के चलते अब तक कार्य पूर्ण नहीं हो पाई जिसका खामियाजा बढ़ती धूप और पानी की समस्या आमजन ग्रामीण पर बुरा असर पड़ रही है! मामला है!
पथरिया - जनपद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत खूंटेरा का है! जिसमें जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का लगभग एक करोड़ 11 लाख रु.का निर्माण कार्य ठेकेदार विष्णु अग्रवाल के द्वारा कराया जा रहा है! जिसमें ग्रामीणों के द्वारा शिकायत मिली थी की पानी टंकी में बैंड एक्साइड झुकी मिली जिससे ठेकेदार एवं इंजीनियर की भारी लापरवाही सामने आई गलत तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है! जिसमें पथरिया विभागीय अधिकारी के द्वारा मौके पर जाकर जांच किया गया तो जांच में टंकी में गलत पाए गए जिसको ठेकेदार को तोड़ने के निर्देश दिया था परंतु डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी पानी टंकी को नहीं तोड़ा गया था! आदेश के बावजूद भी ठेकेदार के द्वारा लापरवाही बरती गई पानी टंकी का रिपेयरिंग कराई जा रही थी जिसको ग्राम खूंटेरा के सरपंच बसंत कुमार वर्मा से मिली जानकारी के अनुसार पिछले डेढ़ महीने से विभागीय अधिकारी के द्वारा जांच के दौरान पानी टंकी को बैंड और मटेरियल छड़ सीमेंट रेत में भी गड़बड़ी पाया गया था जिसको जांच उपरांत सरपंच को निर्माण कार्य को बंद कराने की अधिकारी के द्वारा बोला गया कुछ दिन बंद रहा उसके बाद फिर ठेकेदार के द्वारा आदेश के बावजूद लापरवाही पूर्वक लीपापोती करना चालू कर दिया गया उन्होंने ये भी कहा की इंजीनियर तो निर्माण कार्य में महीने बीत जाने के बाद भी देखने को नहीं आते है ! जिसका फायदा ठेकेदार उठाते हैं ऐसे में लापरवाह ठेकादारो ने शासन को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं अब देखने वाली बात यह होगी कि विभागीय अधिकारी ऐसे लापरवाह ठेकेदार और इंजीनियर के ऊपर कार्यवाही करते हैं या नहीं यह एक जांच का विषय है ! फिलहाल विभागीय अधिकारी ने तो टंकी तुड़वाने का आदेश जारी कर दी गई है!
