सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
मुंगेली - देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023 - 24 का आम बजट पेश किया गया है जिसमें हिंदुस्तान में बजट के बाद कई विपक्षी दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है इसमें पक्ष के नेताओं ने बजट को गरीब महिला किसान युवा बेरोजगार और आम लोगों का बजट बताया लेकिन विपक्षी नेताओं ने बजट को नकारते हुए कहा कि सरकार इस बजट में उद्योगपतियों के अलावा किसी का भी ध्यान नहीं रखा गया जिसमें बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है जिसमें बीजेपी की सरकार का चुनावी बजट बताया गया!
*केन्द्रीय बजट में वंचितों को दी गई वरीयता : कौशिक*
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमृत काल के पहले बजट में सात आधार शामिल किए गए है जो राष्ट्र को विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा। समावेशी विकास, वंचितों को वरीयता, बुनियादी ढांचे व निवेश, क्षमता विस्तार, हरित विकास, युवा शक्ति, वित्तीय क्षेत्र के मजबूती को बजट में प्रमुख से शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र के विकास को लेकर जो संकल्प लिया गया है वह इस बजट में समग्र रूप से देखने को मिलता है। जिस प्रकार से बजट में इनकम टेक्स के स्लैब में जो चेंजेस किये गये हैं, कोरोना काल के दौरान डॉक्टरों व नर्सेस कि कमी थी उसे बढ़ाने के लिए 157 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज खोलने की जो बात कही गयी, बुजुर्गों के लिए अटल पेंशन योजना में 1000 रु पेंशन से बढ़ाकर 5000 रु पेंशन की गयी, रेल्वे के विकास में जो काम चल रहे उसमें लगभग 2.40 लाख करोड़ का जो बजट रेल्वे को दिया गया हैं, गरीबों की जिस प्रकार से चिंता की गई हैं, जिस प्रकार किसानों किसानों की चिंता की गयी। किसानों को कृषि विकास के लिए 20 लाख करोड़ का जो प्रावधान दिया गया, गरीब कल्याण अन्न योजना में 2 लाख करोड़ का जो प्रावधान कर गरीबों को राहत दी गयी हैं और मोटे अनाज को बढ़ावा दिया गया हैं तथा समग्र विकास के लिए सात प्राथमिकताएं मोदी जी ने जो तय है यह अत्यंत ही अनुकरणीय एवं क्रांतिकारी कदम हैं।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को समर्पित यह बजट एक बड़ा प्रमाण है कि राष्ट्र विकास की ओर लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को आयकर में राहत, यह एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही इस बजट में आधारभूत संरचना के लिए विशेष प्रावधान रखें गए हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौशिक ने कहा कि राष्ट्र कोरोना काल के बाद फिर से नई गति के साथ विकास के पथ पर गतिमान है और यह बजट विकास की नई तस्वीर को उकेरने वाला होगा। जरूरतमंदों को आवास से लेकर विकास की संपूर्ण परिकल्पना इस बजट में की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति राष्ट्रहित में ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत करने के लिए आभार माना है।
*बिल्हा छाया विधायक राजेंद्र शुक्ला कॉन्ग्रेस*......
2023 -24 की बजट में केंद्र में बीजेपी की सरकार पूरी तरीके से विफल रही है ये बजट आम जनता के साथ छलावा है वास्तविकता बहुत दूर है इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है किसानों के लिए कुछ नहीं है रोजगार के कोई अवसर नहीं है यह केवल एक छतनावेशी बजट है जिसे चुनाव के हिसाब से बनाया गया है और लोगों को भड़काने का काम किया जा रहा है महंगाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं नहीं उठाया एक तरह की देखा जाए तो सरकार अपनी वादा से पूरी तरह विफल रही है।
*कांग्रेस कमेटी प्रदेश सचिव जागेश्वरी वर्मा*
केंद्र मे नरेंद्र मोदी सरकार के 2023-24 का बजट संवेदनहीन बजट है हर घर महंगाई है,, आम इंसान की आफत आई है। भारत देश के 50% आधी आबादी महिलाओं का है और यह बजट महिलाओं को निराश करने वाला बजट है इसमें महंगाई से निपटने के लिए कोई योजना नहीं है आटा दाल दूध रसोई गैस जैसी वस्तुओं की कीमत में किसी भी प्रकार की कोई कटौती नहीं किया गया है अतः यह बजट पूरी तरह से महिला विरोधी बजट है।*घनश्याम वर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग*-
केंद्र मे नरेंद्र मोदी की सरकार के द्वारा प्रस्तुत 2023 -24 का बजट पूरी तरह से निराशाजनक बजट है, यह बजट गांव, गरीब, मजदूर एवं युवाओं की विरोधी बजट है। इसमें मनरेगा के बजट को कम किया गया है वही युवाओं के रोजगार के दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है युवाओं के साथ छल हुआ है,कुल मिलाकर पूरी तरह से इस देश के बहुसंख्यक वर्ग के विरोधी बजट है।
*बीजेपी जनपद अध्यक्ष ज्योति रिंकू सिंह ठाकुर*
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार है जिसमें 2023 24 की यह बजट दूरदर्शी बजट है
भारत सरकार का यह बजट,ग्रामीण,गरीब,किसान, महिलाओं का बजट है, विशेष तौर में प्रधानमंत्री मंत्री आवास में 66% बढ़ोतरी,मध्यम वर्गों के लिए इनकम टैक्स की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख करना जैसा निर्णय मिल का पत्थर साबित होगा! यह बजट में आम जनता किसान बेरोजगार युवाओं के लिए कई सारी प्रधान किया गया है जिसमें आम जनता में खुशी की लहर दौड़ रही है।
*जेसीसीजे प्रदेश महासचिव जय प्रकाश लोधी*
केन्द्रीय बजट में नये रोजगार सृजन हेतु ठोस पहल का अभाव ।
कृषि को लाभकारी बनाने
बजट में प्रावधान का अभाव ।
मँहगाई रोकने ठोस कदम का अभाव ।
गरीब, मजदूर के उत्थान के लिए स्पष्ट नीति की कमी ।
छत्तीसगढि़यों का केन्द्रीय बजट बजट में अनदेखी ।
कालाधन, भ्रष्टाचार रोकने कोई ठोस पहल नहीं।
कुल मिलाकर दिशाहीन बजट मंहगाई, बेरोजगारी बढ़ाने वाला।
*जिला सचिव सूरज अनंत आम आदमी पार्टी*
मुंगेली के पूर्व जिला सचिव सूरज अनंत ने कहा कि 2023-24 की बजट से देश की जनता नाखुश नजर आ रहे हैं देश को कर्जे में झोंकने वाला बजट है बजट में बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई वीजन नहीं है
इस बजट से महंगाई और बढ़ेगी
बजट में केवल चंद अरबपतियों को होगा फायदा
शिक्षा और सेहत का बजट कम करना दुर्भाग्यपूर्ण है
युवाओं किसानों और सैनिकों के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं है
वर्तमान में देश के हर दसवां युवा बेरोजगार है उनके लिए कुछ नहीं है इस बजट में
45 लाख करोड़ के बजट में 15 लाख करोड़ का कर्ज भार देश पर पड़े़गी महंगाई की मार। आम आदमी गरीब तबके के लोग होंगे परेशान।







