बाबासाहेब ने देश को दिया अनमोल महाग्रंथ रत्नावली कौशल...देखिए खास खबर.... - CG RIGHT TIMES

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Thursday, January 26, 2023

बाबासाहेब ने देश को दिया अनमोल महाग्रंथ रत्नावली कौशल...देखिए खास खबर....

बाबा साहेब ने देश को दिया है अनमोल महाग्रंथ : रत्नावली कौशल..... 


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 *संविधान के मूल्यों को बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी*

*मुंगेली।* गणतंत्र दिवस के मौके पर अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छ्ग शासन सदस्य एवं  महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव रत्नावली कौशल ने मुंगेली जिले के ग्राम चिरहुला ,लोकईपुर, भरदा पुराण,घोर्पुरा, बुंदेली,कोदुकापा सहित अनेक गांवों में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा रचित संविधान को देश का अनमोल ग्रंथ बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल्यों बचाए रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुंगेली जिले क्षेत्र में जगह - जगह भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिन्द सेना महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नावली कौशल क्षेत्र के करीब दर्जन भर गांवों में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोहों में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थीं। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद सभाओं को संबोधित भी किया। आरंभ में रत्नावली कौशल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस व अन्य महापुरुषों के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। तिरंगा फहराने के बाद मंचासीन हुई रत्नावली का पंच, सरपंचों, महिलाओं एवं ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। स्वागत सत्कार के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए रत्नावली कौशल ने कहा कि भारत वर्ष को आजादी तो 14 अगस्त 1947 की आधी रात में ही मिल गई थी, लेकिन तरह - तरह के अधिकारों से ओतप्रोत असली आजादी हमें आज ही के दिन सन 1950 में मिली।अनुसूचित जाति कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नावली कौशल ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा रचित संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। संविधान में बाबा साहेब ने ऐसी व्यवस्थाएं कर रखी हैं कि देश को चलाने और आगे बढ़ाने के सारे अधिकार आम नागरिकों को मिल गए। आज हम अपनी पसंद के पंच,सरपंच, जनपद,जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसद चुन सकते हैं तथा देश और राज्य में अपनी मर्जी के अनुसार सरकारें बना सकते हैं। संविधान में हमें अपनी मर्जी के धर्म को मान सकते हैं, बराबरी के दर्जे के साथ देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। संविधान की बदौलत ही देश में भेदभाव रहित मानव समाज की स्थापना हो सकी है। समाज में जिन तबकों को पहले घृणित दृष्टि से देखा जाता था, उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता था, आज उन तबकों को सम्मान के साथ जीने का हक मिल सका है। यह बाबा साहेब के संविधान के दम पर ही संभव हो पाया है। रत्नावली ने आगे कहा कि हमारा संविधान देश का सबसे बड़ा ग्रंथ है। इस महाग्रंथ के मूल्यों, संवैधानिक व्यवस्थाओं को बचाए और बनाए रखना तथा उनकी गरिमा के अनुरूप आचरण करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। अगर हम संविधान के विरुद्ध आचरण करने और संविधान प्रदत्त अधिकारों का दुरूपयोग करने लग जाएंगे, तो हमारा यह कदम निश्चित रूप से संविधान का अपमान ही माना जाएगा। अंत में रत्नावली कौशल ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में समाज प्रमुखगण, वरिष्ठ समाजसेवी,बुद्धिजीवी एवं मुंगेली जिले के ग्राम वासी उपस्थित थे।


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