श्री समृद्धि सद्भावना समिति ने मनाया हरेली का पावन पर्व पौधा रोपण कर किया लोगो को जागरूक.... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES

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Sunday, July 31, 2022

श्री समृद्धि सद्भावना समिति ने मनाया हरेली का पावन पर्व पौधा रोपण कर किया लोगो को जागरूक.... देखिए खास खबर

 सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट 


श्री समृद्धि सद्भावना समिति ने मनाया हरेली का पावन पर्व पौधा रोपण कर किया लोगो को जागरूक



 

दुर्ग - श्री समृद्धि सद्भावना समिति प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन (भारत)कि राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ , राजश्री सद्भावना समिति सदस्य तथा गुरु घासीदास सेवा समिति सेक्टर- 6 कि सदस्य गीतेश्वरी बघेल  तथा समिति के समस्त सदस्यों ने मिलकर के सेक्टर- 6 सतनाम भवन परिसर पर वृक्षारोपण किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण को साफ स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की प्रेरणा दी। सतनाम भवन के प्रांगण में आम, जामुन ,पीपल ,बरगद ,पाम, बादाम, आंवला, गुड़हल ,चंपा ,चमेली, मोगरा तथा अन्य सजावटी पौधों का रोपण किया गया तथा धरती माता का पूजन कर हमारे भरण-पोषण उनका आभार व्यक्त करते हुए।


 गीतेश्वरी बघेल ने कहा कि गांव में हरेली पर्व को बड़े उत्साह तथा धूमधाम से मनाया जाता है नागर, कुदारी, गैती, हथौड़े समेत कृषि में कार्य आने वाले समस्त औजारों नदी एवं तालाबों में धोकर साफ सुथरा कर उनकी पूजा की जाती है तथा पारंपरिक तरीके से बच्चों के द्वारा गेड़ी चढ़कर खुशियां मनाते हुए छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार घर के बाहर  तथा खेत खलियान में नीम की पत्तियां लगाकर उत्तम स्वास्थ्य एवं फसल की कामना की जाती है पशुओं के निरोगी रखने हेतु प्रकृति देवी (कुटकी देवी) से प्रार्थना की जाती है हेतु हैं।

         घरों में माताएं गुड़ के चीले तथा चावल आटे के भजिए, गेहूं आटे से बनी मीठे गुलगुले, सुहारी, बड़ा इत्यादि पकवानों का भोग लगा कर के घर के डूंगर के आराध्या से वर्षभर उत्तम स्वास्थ्य, अन - धन ,लक्ष्मी, सुख ,शांति ,सौभाग्य,समृद्धि यश वैभव, कीर्ति ऐश्वर्य की कामना करते हैं तथा हमारे घर परिवार पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखें इस प्रकार की मंगल कामना के साथ में धरती माता से प्रार्थना की जाती है।

        हरेली  प्रथम त्योहार छत्तीसगढ़ का प्रथम त्योहार है जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति तथा गौरव समाई हुई हैं छत्तीसगढ़ की कला- संस्कृति, आभूषण, व्यंजन पंडवानी सुआ करमा ददरिया भरथरी ने राष्ट्र में ही नहीं अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी कीर्ति का परचम लहराया है तथा छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान दिलाई हैं। "छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा मा आज सभी धर्म जाति संस्कृति के लोग मिल जुल कर भाई चारे के साथ रहते हैं"और छत्तीसगढ़ महतारी से उन्हें उसी प्रकार प्रेम करती हैं जिस प्रकार एक मां की दृष्टि में उनके सभी बच्चे समान होते हैं"छत्तीसगढ़ महतारी की महिमा का गुणगान हम जितना भी कर ले वह कम है। छत्तीसगढ़ महतारी ने हमें अन धन लक्ष्मी जल, जंगल ,जमीन नाना प्रकार के खनिज संसाधन, नदी ,पर्वत ,पहाड़ आदि उपहारों से हमें नवाजा है इसके लिए हम प्रदेश वासी छत्तीसगढ़ महतारी का जितना भी धन्यवाद करें वह कम है।

            गीतेश्वरी बघेल ने प्रदेश के के बच्चे , युवा तथा सभी उम्र की महिलाओं के साथ में मिलकर के वृक्षारोपण किया साथ ही साथ समिति के सभी लोगों ने मिलकर पर्यावरण कि रक्षा हेतु एकजुट होकरअपने दायित्वों का निर्वहन करने हेतु दृढ़ संकल्प लिया।


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