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Tuesday, July 5, 2022

शासन का आदेश बेअसर, बिलासपुर नहीं गिराए गए जर्जर स्कूल भवन, बच्चों को खतरा... देखिए खास खबर

 सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट 

शासन का आदेश बेअसर, बिलासपुर नहीं गिराए गए जर्जर स्कूल भवन, बच्चों को खतरा

जिले के 288 जर्जर स्कूल भवनों को तोड़ना है, अब तक एक भी भवन को नहीं गिराया गया है।



बिलासपुर। जिले के अति जर्जर 288 स्कूल भवनों को तोड़ने के आदेश पर सात माह बाद भी अमल नहीं हो पाया है। इस सत्र में भी कई जर्जर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इससे बच्चों और शिक्षकों की जान खतरे में है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग के अफसर स्र्चि ही नहीं दिखा रहे हैं। राज्य सरकार ने अति जर्जर स्कूल भवनों को गिराने के निर्देश दिए थे। शासन के आदेश के सात माह बाद भी बिलासपुर जिले के जर्जर भवनों को नहीं तोड़ा गया है। जबकि 16 जून से नया सत्र शुरू हो चुका है।

अतिरिक्त कक्षा की कमी के कारण जर्जन भवनों में ही पढ़ाई चल रही है। इस संबंध में 20 दिसंबर 2021 को जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश मिला था। इसके बाद सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को पत्राचार किया गया। डिस्मेंटल करने लायक स्कूलों का चिन्हांकित कर सूची बनाकर भेजने के लिए कहा गया। कोटा, मस्तूरी, तखतपुर,बिल्हा ब्लाक से जर्जर 288 स्कूल भवनों की जानकारी डीईओ कार्यालय में दी गई है। लेकिन अभी तक सभी भवन जस के तस हैं। स्कूल कक्ष की कमी के कारण जर्जर भवन में ही पढ़ाई कराई जा रही है। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। विभाग के अफसर सिर्फ पत्रचार तक सीमित हैं। वर्षा होने पर छत से पानी टपकता है। प्लास्टर उखड़ रहा है। दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अफसरों के उदासीनता के कारण सात माह से जर्जर भवन को नहीं तोड़ा गया।

राज्य सरकार ने अति जर्जर स्कूलों की मरम्मत के नाम पर बजट जारी करने से साफ मना कर दिया है। ऐसे स्कूल भवन को तोड़कर नए कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। नए स्कूल भवन बनाने के लिए शासन स्तर पर योजना बनाई जा रही है। जिले के डीईओ को भी निर्देश दिए गए हैं कि जर्जर स्कूलों के नाम से कोई बजट न मांगे।

खपरैल वाले हैं 21 स्कूल भवन

स्कूल शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों को ढहाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से लेकर अन्य संबंधित विभागों से कई बार पत्राचार किया गया। लेकिन विभाग के अफसर मौन साधे हुए हैं। जिले में बिल्हा, कोटा, तखतपुर, मस्तूरी ब्लाक के 288 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला जर्जर हो चुके हंै। यहां तक कि 21 स्कूलों में छत खपरैल की है। ये कई सालों से जीर्ण-शीर्ण हालत में है। इनकी स्थिति अत्यंत खराब है।

573 स्कूलों में कराई गई मरम्मत

जिला शिक्षा विभाग ने इस साल 573 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए सूची राज्य सरकार को भेजी थी। इन स्कूलों में खिड़की, दरवाजा, प्लास्टर, छत मरम्मत, गेट लगाने के लिए पत्रचार किया गया। शासन ने लाखों स्र्पये की स्वीकृति दी है। इसमें मस्तूरी ब्लाक से 133, बिल्हा ब्लाक से 99, तखतपुर ब्लाक से 198, कोटा ब्लाक से 143 स्कूल शामिल हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

अति जर्जर स्कूल भवनों को गिराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। ब्लाक के इंजीनियर से अवलोकन कराया जाएगा। इसके बाद तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसी भी जर्जर स्कूल में पढ़ाई नहीं हो रही है।


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