सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
मुंगेली - महिला एवं बाल विकास विभाग भारत सरकार चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से आस्था समिति क्रियान्वित चाइल्ड लाइन 1098 परियोजना एवं जिला बाल संरक्षण इकाई टीम के द्वारा 04 बाल श्रमिक बच्चे काम कर रहे थे, उनको काम ना कराने के लिए उनके माता पिता को समझाइश दिया गया ! बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बच्चे एवं उनके परिजनों को प्रेरित किया गया ! टीम ने बताया कि बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनिमय अधिनियम 1986 एवं संशोधन अधिनियम 2016 के तहत 14 से 18 वर्ष तक के बच्चों से बाल श्रम कराना कानून अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके अंतर्गत 20000 हजार रूपए से 50000 हजार रूपए तक जुर्माना एवं 06 माह से 03 वर्ष तक की सजा या इनमे से दोनों नियोजक के ऊपर कार्यवाही हो सकता है। चाईल्ड लाईन टीम ने बताया कि चाइल्ड लाइन 24 घंटा फोन एवं आउटरिच सेवा है ,उन बच्चों के लिए जिन्हें देखरेख एवं संरक्षण की जरूरत है । किसी बच्चों को आश्रय की जरूरत व कोई बच्चों को पीट रहा हो, गुमशुदा, लापता शोषित, बाल श्रम, बाल विवाह हो रहा है, कोई बच्चा नशा कर रहे हो तो चाइल्ड लाइन 1098 में फोन करके उन बच्चों की मदद कर सकते हैं। उमाशंकर कश्यप केन्द्र समन्वयक चाईल्ड लाईन, टीम मेम्बर लक्ष्मी नारायण सोनवानी, संजय बघेल एवं जिला बाल संरक्षण इकाई टीम की उपस्थिति रहे !
