सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
मुंगेली - जिला मुंगेली अंतर्गत जनपद पंचायत पथरिया के ग्राम सिलतरा में आदर्श महिला संकुल संगठन द्वारा महिला अधिवेशन का भव्य आयोजन किया गया। यह अधिवेशन अपने प्रथम वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य थीम “चलो शिक्षा, मिलकर बढ़ें, एक नई पहचान गढ़ें” रखा गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें संगठित करने और सशक्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बड़े ही पारंपरिक और उत्साहपूर्ण तरीके से की गई। उपस्थित सभी सखियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे पूरे आयोजन में एक सकारात्मक और सम्मानजनक वातावरण बना। इसके पश्चात मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर दीप प्रज्वलित किया गया और प्रार्थना गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
अधिवेशन के दौरान महिलाओं के बीच उत्साह और सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें कुर्सी दौड़, कबड्डी और सुई-धागा जैसे पारंपरिक व मनोरंजक खेल शामिल रहे। महिलाओं ने इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम में ऊर्जा और उमंग का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान रहा। विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली महिलाओं को “सील्ड और मेडल” प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने न केवल पुरस्कृत महिलाओं का उत्साह बढ़ाया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने और समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में बीपीएम श्री नीलकमल ठाकुर उपस्थित रहे। उनके साथ एडीईओ श्री संतोष यादव, पीआरपी मोहिनी निर्मलकर, अध्यक्ष अनीता ध्रुव, सचिव संगीता टंडन, कोषाध्यक्ष हेमलता अहीरे, एफएलसीआरपी, आरबीके की सक्रिय महिलाएं एवं ग्राम संगठन के समस्त पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने अपने उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन और एकजुटता के महत्व के बारे में बताया और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि जब महिलाएं एकजुट होकर कार्य करती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में सभी उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर शिक्षा को अपनाने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी एक नई पहचान बनाने का संकल्प लिया। यह अधिवेशन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह देखने को मिला।


