कांग्रेस ने मनरेगा सहित स्थानीय समस्याओं को लेकर घेरा मुंगेली कलेक्ट्रेट*
CG. Right Times news.........
मुंगेली, - मनरेगा के नाम एवं नियमों में प्रस्तावित बदलाव, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी की समस्या, जर्जर सड़कों, आवास, पेंशन एवं रजिस्ट्री से जुड़ी परेशानियों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर 12 जनवरी से चल रहे मनरेगा बचाव अभियान का हिस्सा है, जो 26 फरवरी तक जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर मुंगेली जिला इकाई ने जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर यह प्रदर्शन किया गया है।
मनरेगा के मूल स्वरूप को बनाए रखने की मांग.....
*जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने कहा*:- कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है। इसके नाम या नियमों में किसी भी प्रकार का बदलाव योजना की मूल भावना को प्रभावित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में मजदूरों को समय पर रोजगार नहीं मिल पा रहा है तथा मजदूरी भुगतान में भी देरी हो रही है। कई पंचायतों में मांग के अनुरूप कार्य स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने और लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की।
रजिस्ट्री शुल्क वृद्धि और ‘नजरी नक्शा’ पर आपत्ति...
*पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी ने कहा*:- कि रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाने की तैयारी से आम आदमी के लिए जमीन खरीदना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने ‘नजरी नक्शा’ संबंधी जारी आदेश को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू नहीं है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी हो रही है।
बिजली संकट से किसान परेशान..........
संजीत बनर्जी ने जिले में खराब बिजली व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और जर्जर ट्रांसफार्मरों के कारण आमजन और किसान प्रभावित हैं। कई गांवों में ट्रांसफार्मर महीनों से खराब पड़े हैं। उन्होंने नियमित और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
पेयजल संकट गहराया........
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट विकराल रूप ले रहा है। अनेक हैंडपंप खराब हैं, नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं और टैंकर व्यवस्था अपर्याप्त है। गर्मी से पहले ही हालात चिंताजनक हैं। खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, नई बोरिंग की स्वीकृति और नल-जल योजनाओं को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की गई।
सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल........
*थानेश्वर साहू ने कहा*:- कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कई सड़कों की गुणवत्ता निम्न स्तर की है। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़कें उखड़ रही हैं और गड्ढों में तब्दील हो रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
*आंदोलन की दिये चेतावनी.........
ज्ञापन में कांग्रेस ने आवास, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, सड़क, पानी और बिजली सहित सभी मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी गई यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
इस अवसर पर विजय केशरवानी (पूर्व जिलाध्यक्ष बिलासपुर), संजीत बनर्जी, थानेश्वर साहू, हेमेंद्र गोस्वामी सहित शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित


