PWD सड़क निर्माण पर अवैध उत्खनन कर खपाया जा रहा मूरूम..... देखिए खास खबर...... - CG RIGHT TIMES

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Thursday, December 4, 2025

PWD सड़क निर्माण पर अवैध उत्खनन कर खपाया जा रहा मूरूम..... देखिए खास खबर......

PWD सड़क निर्माण पर अवैध उत्खनन कर खपाया जा रहा मूरूम..........

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सड़क निर्माण में बेहिसाब अवैध मुरूम उत्खनन, विभागों की मिलीभगत पर गंभीर सवाल........


पथरिया  - ब्लॉक अंतर्गत  ग्राम पंचायत चुनचुनिया से करही मार्ग होते हुए नगपुरा तक बन रही लगभग 4 किलोमीटर की सड़क में बड़े पैमाने पर अवैध मुरूम उत्खनन का खुला खेल जारी है। PWD की इस परियोजना में ठेकेदार, ग्राम पंचायत नगपुरा के सरपंच और सचिव की कथित मिलीभगत से शासकीय भूमि और बांध क्षेत्र को बेहिचक काटा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि राजस्व और खनिज विभाग की चुप्पी इस पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है।

निर्माण स्थल पर किसी प्रकार का सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। बिना रॉयल्टी पर्ची, बिना अनुमति और बिना किसी विभागीय जांच के सैकड़ों ट्रक मुरूम सड़क पर डाले जाने की पुष्टि स्थल पर मौजूद लोगों ने की। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकारी राजस्व की खुली लूट हो रही है और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे हुए हैं।


मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर नगपुरा बांध के समीप राजस्व भूमि से मुरूम निकाला जा रहा था। ट्रक चालकों ने स्पष्ट कहा कि यह सब ठेकेदार के निर्देश पर हो रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है?

प्रशासनिक प्रतिक्रिया में उदासी..........

पथरिया एसडीएम रेखा चंद्रा ने कहा कि उन्हें इस अवैध उत्खनन की जानकारी नहीं थी। आपने अवगत कराया है तो संज्ञान आया है ।उन्होंने खनिज विभाग को सूचना भेजने और जांच करने की बात कही है, लेकिन इस जवाब से प्रशासनिक निगरानी की गंभीर कमी साफ नजर आती है

*जिला खनिज अधिकारी फोन रिसीव नहीं करता....

जिला खनिज अधिकारी ज्योति मिश्रा को फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उन्हें व्हाट्सऐप पर वीडियो और फोटो भेजे गए, परंतु खबर प्रकाशन तक उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे विभागीय संवेदनशीलता और जवाबदेही पर और भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

अब जिला प्रशासन इस खुली लूट पर क्या जांच करेगा और क्या वास्तविक कार्रवाई होगी—यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसका जवाब ग्रामीण बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।


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