सतनाम अनमोल रत्न अवार्ड 2023 सम्मानित होने पर आस्था मंच व प्रगतिशील के लोगों ने आभार व्यक्त किए _ गीतेश्वरी बघेल..... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES

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Thursday, April 13, 2023

सतनाम अनमोल रत्न अवार्ड 2023 सम्मानित होने पर आस्था मंच व प्रगतिशील के लोगों ने आभार व्यक्त किए _ गीतेश्वरी बघेल..... देखिए खास खबर

सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट 



सतनाम अनमोल रत्न अवार्ड 2023  सम्मानित होने पर आस्था मंच व प्रगतिशील के लोगों ने आभार व्यक्त किए _ गीतेश्वरी बघेल

गुरु घासीदास आस्था मंच समिति  के अध्यक्ष राजेंद्र टोडर तथा समिति के सभी सदस्यों के तत्वधान में

रायपुर - छत्तीसगढ़ प्रदेश की हृदय स्थली तथा राजधानी रायपुर के रंग मंदिर में   गुरु घासीदास आस्था मंच  के द्वारा बुधवार के दिन स्वतंत्रता सेनानी, गुरु घासीदास जयंती के जन्म दाता, गिरौदपुरी धाम मेला के संस्थापक, पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्न दृष्टा, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर मिशन को समर्पित सतनामी जागरूकता स्वाभिमान शिक्षा नारी सम्मान के लिए समाज में समर्पित दादा नकुल  देव ढिढ़ी  की जयंती  बड़े ही धूमधाम हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया।  प्रदेश भर से आए हुए अतिथियों एवं पंथी भजन सम्राट पद्मा श्री अवॉर्ड उषा बाई बारले के द्वारा पंथी गीत के साथ बाबा जी तथा दादा नकुल देव ढिढी के तैल चित्र के समक्ष  दीप प्रज्वलित कर, श्रीफल तथा पुष्प माल्या  अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसी कड़ी में समाज को उन्नति की ओर ले जाने की दिशा में  अग्रसर,उत्कृष्ट कार्य करने वालो  सामाजिक  कलाकारों, समाज सुधारकों ,कवि कवित्रियों, साहित्यकारों , डॉक्टर्स, इंजीनियर्स का    स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, श्रीफल, साल देकर सम्मानित  कर  मनोबल बढ़ाया गया।  गुरु घासीदास आस्था मंच के  प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र टोडर, कर्मचारी अध्यक्ष मिलन रंगीला, डाक्टर मंजीत चंद्र सेन उपाध्यक्ष,मनोज बंजारे कोसा अध्यक्ष, ऋषि बारले महासचिव जी, गेंद लाल  कोसरे  , सुंदर ओगरे, शशिकला टोडर, मंजू जोशी तथा अन्य सहयोगी जनों के सौजन्य से कार्यक्रम संपन्न हुआ। सहयोगी संस्था के रूप में प्रगति शील सतनामी समाज, प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद भतपहरी,   उपाध्यक्ष गिरिजा पाटले, गुरुघासीदास साहित्य एवम  संस्कृति अकादमी अध्यक्ष के. पी. खांडे,   महासचिव जे. आर.सोनी,  प्रवक्ता चेतन चंदेल , आशाराम लहरे, सुंदर लाल जोगी, मनीष गिलहरे, मनीष कोसरे,  डाक्टर डी.के. बसंत,  घनश्याम घृतलहरे,  राधेश्याम  घृतलहरे,  ईश्वरी जोगी, प्रकाश,, दीपक महेश्वर ,पवन कुर्रे  भीम कुमार पटेला, ईश्वर जोगी,अन्य सभी पदाधिकारी गण,राजश्री सद्भावना समिति अध्यक्ष शकुन डहरिया दीदी  तथा समस्त समिती  के सदस्य के सहयोग से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में   शिव डहरिया नगरी प्रशासन एवं श्रम मंत्री छत्तीसगढ़ शासन , अध्यक्षता अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष के. पी. खांडे , विशेष अतिथि के रूप में सत्यनारायण शर्मा पूर्व मंत्री एवं रायपुर ग्रामीण विधायक, एजाज ढेबर महापौर रायपुर नगर निगम, शकुन डेहरिया समाज सेविका, भुनेश्वर बघेल विधायक डोंगरगढ़, गुरुदयाल बंजारे विधायक नवागढ़, इंदू बंजारे विधायक पामगढ़ को आमंत्रित किया। कार्यक्रम में अतिथियों के रूप में राजेंद्र भतपहरी, जे. आर. सोनी,  पद्मश्री उषा बाई  बारले, किरण भारती, अनंत भारती,  सुंदर लाल देशलहरे,उड़ीसा से आए हुए  अतिथि गण,नारनौर से आमंत्रित  डाक्टर जगजीवन खरे  तथा अन्य आदरणीय गण शामिल रहे।  सतनाम अनमोल रत्न अवार्ड समारोह 2023 में प्रदेश भर के 32 जिलों से आए हुए  साथ ही साथ उड़ीसा राज्य से आए हुए अतिथि गणों,कलाकारों, समाज सेवकों , इंजीनियर्स,डॉक्टर्स, शिक्षक, साहित्यकार जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज के चहुमुखी विकास में अपनी में महती भूमिका निभाई है उनका सम्मान कर  उनका उत्साह वर्धन किया।इसी कड़ी में राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत, संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष समृद्धि सद्भावना समिति गीतेश्वरी बघेल,  प्रगतिशील सतनामी समाज उपाध्यक्ष गिरिजा पाटले, साहित्यकार क्षमा पाटले,  राजश्री सद्भावना समिति सदस्य सनत गिलहरे, प्रवक्ता चेतन चंदेल, सुंदर लाल जोगी, मनीष गिलहरे, आशा लहरे,पंडित अंजोर दास बंजारे समेत 101 सामाजिक  बंधुओ को सहसम्मान सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप पधारे  नारनोर के डाक्टर जगजीवन खरे ने  सतनाम  धर्म के अनुयायियों ने 1672 में औरंगजेब के विरुद्ध विद्रोह  बढ़ चढ़ कर भाग भाग लिया तथा मुगलों को लाखो चने चबाए थे सतनानामियो को कभी भी  अपनी पहचान छूपाने की आवश्यकता नहीं है  हमें अपने ऊपर तथा हमारे समाज पर गर्व होना चाहिए इसी संबोधन से सभी का मनोबल बढ़ाया ।  अतिथि के रूप  विराजमान  राजेंद्र भतपहरी ने समाज को संगठित रहने हेतु प्रेरित किया।  राज्यों से आए हुए अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए  दादा नकुल ढीढी के द्वारा समाज के लिए किए गए स्मरणीय कार्यों का स्मरण करते हुए आभार अर्पित किया साथ ही संगठित रहकर समाज को  आगे बढ़ाने हेतु प्रेरित  किया।  कार्यक्रम में आए हुए प्रदेश भर के सभी समाजिक बंधुओं में एकता की भावना देखते ही बनती थी सभी एक साथ मिलजुल कर बाबाजी के  उपदेशों का स्मरण किया और मिलजुल कर रहने हेतु संकल्पित हुए। समाज में स्त्री पुरुष एक सिक्के के दो पहलू होते है , गाड़ी के दो पहिए होते है।  जब तक दोनो एक दूसरे  के सहयोगी के रूप में साथ नहीं देंगे समाज का विकास संभव नहीं हैं,  जिस प्रकार  महात्मा ज्योतिबा फुले  के सहयोग से ही  मां सावित्री बाई फुले ने  सम्पूर्ण राष्ट्र की  पहली महिला शिक्षिका बन कर  ज्ञान का अलख जगाया और नारी शिक्षा को बढ़ावा दिया।  बाबा साहेब भीम  की पत्नी मां रमा बाई की त्याग और तपस्या  के बल पर अपने चार बच्चो को खोने का दर्द सहन करते हुए बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर  ने 8-8 विषयो पर पी.एच.डी. कर  भारत के संविधान कि रचना की , समाज को एकजुट कर उनके हक और अधिकार की लड़ाई लड़ी। दादा नकुल ढीढ़ी ने 18  दिसंबर 1938 से प्रथम बार  बाबा जी की जयंती मना कर समाज को एक स्थान पर एकत्रित किया यह परंपरा तब से निरंतर चली आ रही है। दादा साहब ने स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग लेकर समाज का गौरव बढ़ाया तथा देश को आजाद कराने में सक्रिय भूमिका  समाज का मान बढ़ाया इसलिए  प्रतिवर्ष 12 अप्रैल  को दादा जी की जयंती मना का उन्हें समरण करना हमारे समाज के लिए गर्व की बात  है।


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