गुरु घासीदास बाबा का हमेशा ऋणी रहेगा मानव समाज : रत्नावली कौशल*.........
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बिचारपुर में घासीदास जयंती में गुरुबाबा के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया*
*मुंगेली।* बाबा गुरु घासीदास जी ने समूचे मानव समाज को नई दिशा दी है,उन्होंने मानव कल्याण की राह दिखाई,उनके बताए रास्ते पर चलने में ही हम सभी की भलाई निहित है,उक्त बातें छत्तीसगढ़ शासन अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण सदस्य एवं महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव रत्नावली कौशल ने मुंगेली जिले की ग्राम पंचायत बिचारपुर में आयोजित गुरु घासीदास जयंती समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही,,रत्नावली कौशल ने गुरु घासीदास जी का जयकारा लगवाकर अपने उद्बोधन की शुरुवात की। समाज के महिला, पुरुषों और युवाओं ने अनुसूचित जाति कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नावली कौशल का जोशीला स्वागत किया,कौशल ने बाबाजी के छाया चित्र दीप प्रज्वलित कर जैतखाम की पूजा अर्चना भी की,उन्होंने कहा कि पहले पूरे मानव समाज में छुआछूत, भेदभाव, तरह - तरह के आडम्बरों का बोलबाला था, तथाकथित ऊंची जाति के लोग दलितों,अनुसूचित जाति - जनजाति के लोगों को निकृष्ट मानकर उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते थे,उन्हें गांव के सार्वजनिक कुंओं से पानी नहीं भरने दिया जाता था,उनकी छांव पड़ जाने को भी कथित ऊंची जाति के लोग अपनी शान के खिलाफ समझते थे, ऐसे सामाजिक आडम्बरों के युग में पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी का अवतरण इस धरती पर हुआ, गुरुदेव ने सामाजिक असमानता को बहुत ही करीब से देखा,उन्हें यह सब देखकर बड़ा दुख होता था,बाबा गुरु घासीदास ने इस विसंगति को दूर करने का बीड़ा उठाया,बाबा जी ने समाज में मनखे मनखे एक समान का संदेश प्रसारित कर जातपांत में बंटे हुए समाज एक करने का महान कार्य किया,गुरु घासीदास जी समाज को जो राह दिखा गए हैं,उस राह पर चलना हम सभी की जिम्मेदारी है,जब हम गुरु घासीदास जी के संदेश,उपदेश को आत्मसात कर लेंगे,तभी उनकी जयंती मनाने की सार्थकता सिद्ध होगी,अन्यथा हम यूं ही भेदभाव में ही जकड़े रह जाएंगे। कौशल ने कहा कि गुरु घासीदास जी और संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने उत्कृष्ट मानव समाज की स्थापना के लिए जो योगदान दिया है,वह अभिनंदनीय है। मानव समाज इन दोनों विभूतियों का सदैव ऋणी रहेगा।
हिन्द सेना महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अनुसूचित जाति कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नावली कौशल ने छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित जन समुदाय से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की,उन्होंने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के गठन के उद्देश्यों तथा प्राधिकरण के कार्यों से भी लोगों को अवगत कराया,कांग्रेस नेत्री रत्नावली कौशल ने कहा कि सम्पूर्ण मानव समाज के कल्याण के लिए सतनामी समाज में और भी अनेक महान हस्तियां पैदा हुईं। उनमें से एक गुरु माँ मिनीमाता भी हैं,छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद होने का गौरव मिनीमाता के नाम पर दर्ज है। संसद में जब मिनीमाता छत्तीसगढ़ के लोगों के अधिकारों की बात उठाती थीं,तब पूरे सदन में पिन ड्राप साइलेंस की स्थिति निर्मित हो जाती थी,वे शेरनी की तरह दहाड़ती थीं,सुश्री कौशल ने कहा कि श्रद्धेया मिनीमाता के एक महत्वपूर्ण योगदान को हम छत्तीसगढ़ की बेटियां कभी भी नहीं भूल सकतीं,वह योगदान है नारी शिक्षा को बढ़ावा देने का, जब बेटियों को पढ़ाई लिखाई से वंचित रख केवल चौका चूल्हा तक सीमित कर दिया गया था, तब मिनीमाता ने बेटियों को शिक्षा का अधिकार लाया,बेटियों के लिए जगह जगह स्कूल खुलवाए, इस तरह उन्होंने समाज में नारी शिक्षा की अलख जगाई। ग्राम बिचारपूर जयंती समारोह के आयोजनकर्ता दीपक चंद्राकर उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस विधानसभा,रामलाल टंडन,बलवंत,मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार सेल प्रदेश प्रतिनिधि खुमान चतुर्वेदी,अघ्नू पात्रे,सवल टोंडे,अंतुराम टंडन, संतु राम टंडन,चंद्र कुमार,मनहरण जांगड़े,संजय कुर्रे,केजहा सोनवानी,रमेश टोंडे,परदेशी टोंडे,राजेश टंडन सहित आसपास के गांव के सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित थे।

