गुरु घासीदास सेवा समिति की महिलाओं ने मनाया हरेली महोत्सव वृक्षारोपण कर लोगों को किया जागरूक.........
CG. Right taimes news
दूर्ग - भिलाई अंतर्गत सेक्टर 6 सतनाम भवन गुरु घासीदास सेवा समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू कुर्रे जी के तत्वाधान में रविवार के दिन समिति के समस्त बहनों को लेकर वृक्षारोपण का कार्यक्रम कर हरेली महोत्सव मनाया गया। गुरु घासीदास सेवा समिति के समस्त महिलाएं सतनाम भवन सेक्टर- 6 में सम्मिलित होकर गुरु गद्दी स्थल का पूजा कर कार्यक्रम की शुरुआत किया गया कार्यक्रम के दौरान समाज की सभी महिलाएं मिलकर फलदार,फूलदार व छायादार , पौधों का रोपण बड़े हर्ष एवं उल्लास के साथ में किया तथा आजीवन उनकी रक्षा करने का भी वचन लिया
समिति के उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू कुर्रे द्वारा समाज की सभी महिलाओं को संदेश दिया गया कि आज पेड़ों की कटाई से पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है और हम लोगों को शुद्ध वातावरण का मिलना मुश्किल होता जा रहा है इसलिए ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाएं और पर्यावरण को संतुलित करते हुए धरती माता का धन्यवाद अर्पित करें। वृक्ष हमारी माता के समान होती है वह मृदा को बांध कर रखती है तथा वर्षा के जल को भी भूमि में लंबी अवधि तक सुरक्षित रखती हैं इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कविता के माध्यम से भी कहां की प्यासी धरती करे पुकार वृक्ष लगाकर करो उद्धार"
"पेड़ पौधे है लगाना, भारत कि सुंदरता को है बढ़ाना"
"आओ एक नया निर्माण करें पेड़ों से धरती का श्रृंगार करें"
इस कार्यक्रम में विशेष उपस्थित श्रीमती नेमीन साहू पार्षद (सेक्टर -2पश्चिम ), श्रीमती साधना सिंह पार्षद (सेक्टर -2 पूर्व), डॉ उज्ज्वला एवं अन्य सामाजिक सम्माननीय महिलाएं किरण चंदवानी , सरोज बाला पहित, रेणु मारकंडे, शकुंतला भारती, प्रभा खटकर, गोदावरी कुर्रे, रामप्यारी भारती, भू -भारती रत्नेश, किरण चतुर्वेदी, कामिनी पुरैना, शीतल चेलक, सुशीला कोसरे, पार्वती ढीढीं, विमला जनार्दन, उषा देशलहरे, हेमीन चतुर्वेदी अनुसूया रात्रे कृष्णा पात्रे, संध्या बंजारे , शोभा खिलाड़ी, सरोजिनी कुर्रे , रुखमणी , मीना भारती, अंजू प्रसाद, सुमित्रा रात्रे,ललिता मारकंडे , लीला डाहिरे, गीतेश्वरी बघेल , ममता जोशी , रेखा पाटले ,सागर टंडन, सहित सामाजिक महिलाएं उपस्थित रही।
साथ ही साथ समाजिक उत्थान , महिला सशक्तिकरण, नशा मुक्ति, महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करने करने तथा हम समाज को किस प्रकार से सुदृढ़ बनाएं, एकजुट रहते हुए समाज के उत्थान किस प्रकार किया जाए इन विषयों पर भी चर्चा की गई।
हरेली का पर्व संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत ही हर्ष और उल्लास ले करके आता है। हरेली के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में त्योहारों की परंपरा की शुरुआत होती है माताएं -बहने अपने मायके जाने के लिए सपने संजोते हुए तैयारियों में लग जाती है।
हरेली हर्ष उल्लास के साथ साथ ही हमारे पर्यावरण को भी संतुलित रखने का संदेश लेकर के आती है जिसे ध्यान में रखते हुए सभी महिलाओं ने अपने दायित्व का निर्वहन किया तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम को समापन किया धरती माता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की। यह कार्यक्रम गुरु घासीदास सेवा समिति के उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू के तत्वधान में सफल हुई

