पटवारी ने कि भ्रष्टाचार की हदे पार,बंजर भुमि को कृषि भुमि दर्शाकर बेचवाई समर्थन मुल्य धान...... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES

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Friday, February 18, 2022

पटवारी ने कि भ्रष्टाचार की हदे पार,बंजर भुमि को कृषि भुमि दर्शाकर बेचवाई समर्थन मुल्य धान...... देखिए खास खबर

 सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट



मुंगेली-मामला मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड की है। गौरतलब हो कि राजस्व विभाग के अतिमहत्वपूर्ण कार्यो का संपादन करने वाले कर्मचारी अधिकारियो में से एक पटवारी पद पर पदस्थ व्यक्ति जब अपने दायित्वों का अनुचित निर्वहन करता है तब आम इंसान से लेकर शासन स्तर तक इसका प्रभाव पड़ता है। 




ऐसा ही एक कारनामा पथरिया तहसील के बगबुडवा हल्का के पटवारी ने किया है ,जिससे शासन को लगभग तीन लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगी है और इसकी शिकायत संबंधित ग्रामीणों ने शासन के कृषि मंत्री मा. रविन्द्र चौबे , मुख्य सचिव अमिताभ जैन ,कमिश्नर संजय अलंग, मुंगेली कलेक्टर अजित वसंत और पथरिया एसडीएम प्रिया गोयल से करते हुए कार्यवाही की मांग की है।  


मामला का विवरण -मिली जानकारी के अनुसार पथरिया तहसील के बगबुडवा पटवारी हल्का नंबर 40 में मनोज मंडावी पटवारी पद पर पदस्थ है। जिसने हल्के के लगभग 8 एकड़ बंजर पड़ी जमीन को कृषि भूमि बता कर उस रकबे से सैकड़ो क्विंटल धान बिकवा दिया । जिससे शासन को लगभग तीन लाख रुपयों की क्षति होना मालूम पड़ता है।  


शिकायतकर्ताओ ने अपने शिकायत पत्र में बताया है कि पटवारी हल्का नंबर 40 बगबुडवा के खसरा नंबर 131/2 131/5 131/8 का कुल रकबा 1.9540 हेक्टेयर है और खसरा नंबर 71 74/1 74/2 81/4 82 81/3 का कुल रकबा 1.3740 हेक्टेयर है , जो कि पड़त अर्थात बंजर जमीन है और इसमें किसी भी प्रकार की फसल नही उगाई जाती है। पटवारी दंपत्ति पारुल ध्रुव और मनोज मंडावी द्वारा इसमें पैसों का लेनदेन करते हुए छेड़छाड़ किया गया और राजस्व रिकार्ड में बंजर जमीन को कृषि भूमि चढ़ा दिया गया। साथ ही उक्त भूमि के माध्यम से धान विक्रय करते हुए शासन को लाखों रुपयों का चूना लगा दिया। इसके अलावा संबधित हल्के के जिन किसानों ने पटवारी की बात ना मान कर उसे रुपये नही दिए ,उनकी कृषि भूमि को बंजर भूमि करार दे दिया और कुछ किसानों की भूमि में सुगंधित धान की खेती बता दिए। जबकि हकीकत में क्षेत्र के एक दो किसनो से ज्यादा किसी भी किसान द्वारा सुगंधित धान की खेती नही की गई है। इसी प्रकार उक्त पटवारी द्वारा वारिसान पंजीयन में भी किसानों को प्रताड़ित कर अवैध वसूली करने व बंजर भुमि को कृषि भुमि दर्शाने की शिकायत कलेक्टर सहित पथरिया एसडीएम से ग्रामीणों ने की है। जिस पर एसडीएम पथरिया ने मामले पर जांच टीम गठित करने की बात कही है। 



शासन को सीधे 3 लाख की क्षति -   विदित हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेस में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से सरकार ने किसानो से 2500 रुपये प्रति कविंटल धान खरीदना शुरू किया है। इस वर्ष भी किसानो ने प्रति एकड़ 15 कविंटल धान के हिसाब से उपार्जन केंद्रों में जाकर अपना धान समर्थन मुख्य पर सरकार को बेचा।  

वही पटवारी द्वारा लगभग 8 एकड़ से ज्यादा की बंजर जमीन को कृषि भूमि किये जाने से सरकार ने लगभग 120 कविंटल धान संबंधित किसानो से खरीदा है और पटवारी के अनुचित कार्य के कारण लगभग तीन लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना मालूम पड़ता है।  

ऐसे में देखना यह दिलचस्प होगा कि शासन के ज़िम्मेदार अधिकारी ऐसे भ्रष्ट पटवारी पर क्या कार्यवाही करते है।


प्रिया गोयल,एसडीएम पथरिया-उक्त मामले पर जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच टीम के रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी।



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