सीजी राइट टाइम्स न्यूज चैनल की खास रिपोर्ट
कलेक्टर कार्यालय से महज 2 किमी दूर पेट्रोल पंप के सामने लगातार हादसे, जनहित में उठे गंभीर सवाल
मुंगेली - मुंगेली–बिलासपुर नेशनल हाईवे पर कलेक्टर कार्यालय से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम करही में संचालित श्री श्री पेट्रोल पंप अब आमजन के लिए सुविधा नहीं, बल्कि गंभीर खतरे का कारण बनता जा रहा है। इंडियन ऑयल द्वारा संचालित इस पेट्रोल पंप को कथित रूप से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नेशनल हाईवे के डिवाइडर में नियमों के विरुद्ध कटिंग कर सीधे प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराया गया है, जो वर्तमान में एक घोषित ब्लैक स्पॉट की तरह कार्य कर रहा है।
इस अवैध डिवाइडर कटिंग के चलते बीते एक वर्ष में यहां कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं।
दिसंबर 2025 के प्रथम सप्ताह में पेट्रोल पंप में प्रवेश कर रही एक कार और सामने से आ रही बाइक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
वहीं इससे पूर्व दिसंबर 2024 में एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में एक यात्री बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई, जिससे बस में सवार लगभग 55 यात्री घायल हो गए थे।
इन दर्दनाक घटनाओं के बावजूद न तो अवैध डिवाइडर कटिंग को बंद किया गया और न ही कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यह स्थिति न केवल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की गाइडलाइनों का खुला उल्लंघन है, बल्कि पेट्रोल पंप स्थापना से जुड़े सुरक्षा मानकों के भी पूर्णतः विपरीत है।
स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालन में कई अनिवार्य नियमों की अनदेखी की जा रही है। हाईवे पर सीधे डिवाइडर कटिंग, पर्याप्त चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) का अभाव, स्पीड कंट्रोल उपायों की कमी तथा सर्विस रोड की उपेक्षा—ये सभी कारण मिलकर इस स्थान को दुर्घटना-संभावित क्षेत्र बना रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पेट्रोल पंप के संबंध में कलेक्टर जनदर्शन, मुंगेली में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर द्वारा जांच उपरांत आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाएगा, या फिर किसी और की जान जाने के बाद ही नियमों को गंभीरता से लिया जाएगा?
यह मामला केवल एक पेट्रोल पंप या डिवाइडर कटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन-सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और नियमों के पालन से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि नेशनल हाईवे पर इस प्रकार की लापरवाही यूं ही जारी रही, तो यह स्थान भविष्य में और भी बड़े हादसों का गवाह बन सकता है।
