शराब के बढ़ते जाल में फँसता समाज — अवैध बिक्री से बिगड़ रहा गांव का माहौल.... देखिए खास खबर....... - CG RIGHT TIMES

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Tuesday, October 14, 2025

शराब के बढ़ते जाल में फँसता समाज — अवैध बिक्री से बिगड़ रहा गांव का माहौल.... देखिए खास खबर.......

शराब के बढ़ते जाल में फँसता समाज — अवैध बिक्री से बिगड़ रहा गांव का माहौल.....


गांव में खुली शराब की दुकानों से जनआक्रोश — ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार..........


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शासन प्रशासन को दी चक्काजाम की चेतावनी...........

मुंगेली, - शराब और नशे का प्रकोप आज समाज के हर वर्ग में धीरे-धीरे अपनी जड़ें जमा चुका है। यह सिर्फ एक लत नहीं, बल्कि सामाजिक की, आर्थिक और पारिवारिक विघटन की जड़ बनता जा रहा है। नशे की वजह से घर टूट रहे हैं, अपराध बढ़ रहे हैं और युवाओं का भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है। यही तस्वीर अब मुंगेली जिले के ग्राम खम्हरिया में भी दिखाई देने लगी है, जहाँ अवैध शराब बिक्री के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।


ग्राम खम्हरिया (थाना एवं तहसील जरहागांव) में ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से गांव में अवैध रूप से शराब और गांजा जैसे मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। इसके चलते गांव का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया है। नशे की लत अब स्कूल के बच्चों और नवयुवकों तक पहुँच चुकी है, जिससे चोरी, झगड़े और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं।

*ग्रामीणों ने लगाई विभागीय अधिकारियों पर आरोप*

ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस की कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है। शराब विक्रेताओं पर छापेमारी तो होती है, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि पुलिस और शराब कारोबारियों के बीच आर्थिक लेनदेन का खेल चल रहा है, जिसके चलते यह शराब का अवैध धंधा फल-फूल रहा है।


इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने मुंगेली कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर जनदर्शन कार्यक्रम में सामूहिक आवेदन सौंपा। उन्होंने गांव में अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चक्काजाम आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, और गांव को “नशामुक्त पंचायत” घोषित करने के लिए ठोस पहल की जाए।

समाज में नशे का प्रसार केवल एक कानून व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि यह नैतिक और सामाजिक पतन की चेतावनी है। यदि प्रशासन और समाज दोनों मिलकर ठोस कदम नहीं उठाते, तो अगली पीढ़ी को नशे की जंजीरों से मुक्त कर पाना असंभव हो जाएगा।


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