मुंगेली में कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका............
9 मार्च से रायपुर में प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन की दी चेतावनी..….....
CG. Right Times news..........
मुंगेली। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया। धरना समाप्ति के बाद जब संगठन की पदाधिकारी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने कलेक्टर से मिलने जा रही थीं, तब उन्हें रास्ते में ही भारी पुलिस बल द्वारा रोक दिया गया।
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल निर्मित हो गया। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
50 वर्षों से दे रही सेवाएं, फिर भी नहीं मिला नियमित कर्मचारी का दर्जा...........
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कार्यकर्ता और सहायिकाएं पिछले लगभग 50 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इसके बावजूद आज तक उन्हें नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगभग 4500 रुपये तथा सहायिकाओं को 2250 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो न्यूनतम वेतन के अनुरूप नहीं है। संगठन का कहना है कि इस मानदेय में जीवन-यापन करना बेहद कठिन हो गया है।
2018 के बाद से नहीं बढ़ा मानदेय.......
जिला अध्यक्ष नीता दास ने कहा:-* कि वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। न ही अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की गई हैं और न ही अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की गई है। इससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
प्रमुख मांगें..........
ज्ञापन में नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, वृद्धावस्था पेंशन, पारिवारिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, बीमा, बीमारी अवकाश तथा सेवा के दौरान मृत्यु की स्थिति में पारिवारिक वारिस को नियुक्ति जैसी मांगें शामिल हैं।
9 मार्च से रायपुर में आंदोलन की दी चेतावनी........
संगठन की ओर से प्रदेश की भाजपा सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि 8 मार्च 2026 तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 9 मार्च से रायपुर में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा तथा मंत्रालय का घेराव किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेते हुए उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की है।


