बाईट लेने गए पत्रकारों पर एफआईआर कराने की धमकी देने का मामला.... देखिए खास खबर - CG RIGHT TIMES

Breaking


Tuesday, November 16, 2021

बाईट लेने गए पत्रकारों पर एफआईआर कराने की धमकी देने का मामला.... देखिए खास खबर

 रिपोर्ट मनोज कुर्रे कोटा बिलासपुर



 बाईट लेने गए पत्रकारों पर एफआईआर कराने की धमकी देने का मामला



बिलासपुर - दो दरवाजे से सुरक्षित एसी रूम में शेफ मोड पर बैठकर ड्यूटी बजाने वाले उप संचालक खनिज दिनेश मिश्रा के बाइट लेने गए पत्रकारों को एफआईआर दर्ज करा देने की धमकी देने के मामले पर कमिश्नर और कलेक्टर से शिकायत की गई। कलेक्टर सारांश मित्तर ने प्रेस क्लब सचिव इरशाद अली के नेतृत्व में पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल का मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

सोमवार की दोपहर अवैध खनन के मामले में बाइट लेने कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा जिला बिलासपुर पहुंचे पत्रकार उस्मान कुरैशी और कान्हा तिवारी के साथ दिनेश मिश्रा उप संचालक खनिज प्रशासन बिलासपुर ने अशोभनीय व्यवहार करते एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते हुए गार्ड बुलाकर बाहर करने की बात कही थी।

इसकी जानकारी बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों व पत्रकार साथियों को दी गई थी। मंगलवार को कलेक्टोरेट में प्रेस क्लब सचिव इरशाद अली, पूर्व उपाध्यक्ष मनीश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य भूपेश ओझा सहित पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर सारांश मित्तर से मिला प्रतिनिधि मंडल ने घटना से कलेक्टर को अवगत कराया। उन्हे कार्रवाई के लिए एक शिकायती पत्र भी सौंपा गया। शिकायती पत्र में बताया है कि सोमवार की दोपहर वे कान्हा तिवारी के साथ रतनपुर वार्ड नंबर 10 में खारून नदी के किनारे संचालित क्रसर व पत्थर खनन व लीज अवधि बढाने व सेंदरी के बंधवा तालाब में मिट्टी मुरूम खनन के संदर्भ में बाइट लेने उप संचालक खनिज शाखा कार्यालय कलेक्टर खनिज शाखा बिलासपुर गए हुए थे । जहां मोबाइल का कैमरा चालू कर बाइट देने निवेदन करने पर उप संचालक खनिज प्रशासन बिलासपुर दिनेश मिश्रा ने भड़कते हुए कहा आप बिना मेरी अनुमति के बाइट नही ले सकते मेरी अनुमति के बिना विडियो नहीं बना सकते, जबरदस्ती मेरा बाइट ले रहे। मै आप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दुंगा कहके हमे बाहर लेकर जाने गार्ड को बुलाने की बात कही। शासकीय सेवक के रूप में उप संचालक खनिज प्रशासन बिलासपुर दिनेश मिश्रा का यह व्यवहार अशोभनीय व छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन के उप नियमों के विपरीत है। मामले की निष्पक्षता से उच्च स्तरीय विभागीय जांच कराकर विधि सम्मत उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है । इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।


Pages